महाराष्ट्र में होने वाले आगामी जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने एक अहम निर्णय लिया है। मतदान प्रतिशत बढ़ाने के उद्देश्य से 7 फरवरी को मतदान वाले क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारियों को सवैतनिक अवकाश देने का आदेश जारी किया गया है। इस फैसले से उन लाखों कर्मचारियों को राहत मिलेगी, जो काम की मजबूरी के कारण अब तक मतदान से वंचित रह जाते थे।
निजी कंपनियों और उद्योगों पर लागू होगा आदेश
यह आदेश केवल सरकारी दफ्तरों तक सीमित नहीं है। राज्य सरकार ने साफ किया है कि निजी कंपनियां, उद्योग, फैक्ट्रियां, दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी इसके दायरे में आएंगे। मतदान के दिन कर्मचारियों को वेतन सहित छुट्टी देना अनिवार्य होगा। इस छुट्टी के कारण कर्मचारी के वेतन में कोई कटौती नहीं की जा सकती। सरकार ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले नियोक्ताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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शिक्षण संस्थानों में भी रहेगा अवकाश
7 फरवरी को कई स्कूलों और कॉलेजों की इमारतों का उपयोग मतदान केंद्र के रूप में किया जाएगा। इसके अलावा बड़ी संख्या में शिक्षक और गैर-शिक्षक कर्मचारियों को चुनाव ड्यूटी में लगाया गया है। इसी कारण जिन क्षेत्रों में मतदान होगा, वहां के स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे। इस संबंध में स्थानीय प्रशासन द्वारा अलग-अलग अधिसूचनाएं जारी की जा रही हैं।
चुनाव का पूरा कार्यक्रम
राज्य में 12 जिला परिषदों और 125 पंचायत समितियों के लिए चुनाव कराए जा रहे हैं। 7 फरवरी को मतदान होगा, जबकि 9 फरवरी को मतगणना की जाएगी। सरकार और निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि 18 वर्ष से अधिक आयु का प्रत्येक पंजीकृत मतदाता अपने लोकतांत्रिक अधिकार का उपयोग करे।
काम और मतदान स्थान अलग होने पर भी मिलेगी छुट्टी
सरकार ने एक महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण भी दिया है। यदि कोई कर्मचारी ऐसे स्थान पर काम करता है जहां चुनाव नहीं है, लेकिन उसका नाम किसी ऐसे मतदान क्षेत्र की मतदाता सूची में है जहां चुनाव हो रहा है, तो उसे भी मतदान के लिए सवैतनिक अवकाश मिलेगा। इसका मतलब यह है कि कार्यस्थल और मतदान स्थल अलग-अलग होने के बावजूद मतदाता को वोट देने से रोका नहीं जा सकता।
लोकतंत्र को मजबूत करने की पहल
इस फैसले को लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। मतदान के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और नौकरीपेशा वर्ग बिना किसी डर या नुकसान के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेगा। सरकार ने साफ संदेश दिया है कि मतदान हर नागरिक का अधिकार ही नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी है।
डिस्क्लेमर
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यह लेख केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से लिखा गया है। चुनाव से जुड़े नियम, आदेश और अवकाश संबंधी निर्देश समय-समय पर बदल सकते हैं। सटीक और अद्यतन जानकारी के लिए संबंधित जिला प्रशासन या महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग की आधिकारिक सूचनाओं का पालन करें।





