साल 2026 की शुरुआत के साथ केंद्र सरकार राशन कार्ड और रसोई गैस सब्सिडी से जुड़ी व्यवस्था में बड़े बदलाव लागू करने जा रही है। 1 फरवरी 2026 से नए नियम प्रभावी होंगे, जिनका उद्देश्य प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाना और यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी लाभ सही और जरूरतमंद परिवारों तक ही पहुंचे। इन बदलावों के चलते लाभार्थियों को समय रहते जरूरी औपचारिकताएं पूरी करना बेहद जरूरी हो गया है।
आधार आधारित ई-केवाईसी होगी अनिवार्य
नए नियमों के अनुसार राशन कार्ड धारकों के लिए आधार आधारित ई-केवाईसी अनिवार्य कर दी गई है। 1 फरवरी 2026 के बाद वही राशन कार्ड सक्रिय माने जाएंगे, जिनमें परिवार के सभी सदस्यों का आधार लिंक और बायोमेट्रिक सत्यापन पूरा होगा। जिन लोगों ने यह प्रक्रिया पूरी नहीं की होगी, उनका राशन कार्ड अस्थायी रूप से निलंबित किया जा सकता है। इसका उद्देश्य फर्जी और डुप्लीकेट लाभार्थियों को हटाकर वास्तविक जरूरतमंदों तक अनाज पहुंचाना है।
ई-केवाईसी कैसे पूरी करें
राशन कार्ड की ई-केवाईसी प्रक्रिया सरल और निःशुल्क रखी गई है। इसके लिए लाभार्थी अपने नजदीकी राशन दुकान पर जाकर आधार और राशन कार्ड के माध्यम से बायोमेट्रिक सत्यापन करवा सकते हैं। कुछ मामलों में ओटीपी के जरिए भी प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। पूरी प्रक्रिया कुछ ही मिनटों में पूरी हो जाती है और इसके लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता।
गैस सब्सिडी के लिए वार्षिक सत्यापन जरूरी
2026 से गैस सब्सिडी पाने वाले सभी उपभोक्ताओं को हर साल ई-केवाईसी कराना अनिवार्य होगा। चाहे उपभोक्ता उज्ज्वला योजना के अंतर्गत आता हो या सामान्य घरेलू गैस कनेक्शन धारक हो, सत्यापन पूरा न होने पर सब्सिडी बंद हो सकती है। सत्यापन ऑनलाइन पोर्टल या गैस एजेंसी के माध्यम से कराया जा सकता है। आधार, बैंक खाता और गैस कनेक्शन का लिंक होना जरूरी रहेगा।
राशन में पोषण बढ़ाने की तैयारी
नई व्यवस्था के तहत सरकार राशन वितरण में पोषण पर भी ध्यान दे रही है। कई क्षेत्रों में गेहूं और चावल के साथ दाल, चीनी और नमक जैसे जरूरी खाद्य पदार्थ सब्सिडी दर पर उपलब्ध कराए जा सकते हैं। इससे गरीब परिवारों के पोषण स्तर में सुधार होने की उम्मीद है।
अपात्र लाभार्थियों की होगी छंटनी
सरकार विभिन्न डेटाबेस के जरिए यह जांच करेगी कि कौन लोग पात्र हैं और कौन नहीं। जिनकी आय तय सीमा से अधिक है या जो अपात्र श्रेणी में आते हैं, उन्हें सूची से हटाया जा सकता है। हालांकि गलती से नाम हटने पर अपील की व्यवस्था भी उपलब्ध रहेगी।
समय पर तैयारी से मिलेगी राहत
इन नए नियमों से किसी भी परेशानी से बचने के लिए जरूरी है कि लाभार्थी समय रहते अपने दस्तावेज अपडेट कर लें, ई-केवाईसी पूरी करें और केवल आधिकारिक पोर्टल या एजेंसी का ही उपयोग करें। सही जानकारी और समय पर कार्रवाई से लाभ बिना रुकावट मिलता रहेगा।
डिस्क्लेमर
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। राशन कार्ड और गैस सब्सिडी से जुड़े नियम, पात्रता और प्रक्रियाएं समय-समय पर बदल सकती हैं। सटीक और अद्यतन जानकारी के लिए संबंधित सरकारी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या सूचना का ही पालन करें।


